

रायगढ़, 24 फरवरी 2026।
ग्रामीण अंचलों में जहाँ स्वास्थ्य सुविधाएँ अक्सर दूरियों और संसाधनों की कमी के कारण सीमित रह जाती हैं, वहाँ Adani Foundation ने सेवा, समर्पण और संवेदना का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है। Adani Power Limited, रायगढ़ की सामाजिक इकाई द्वारा संचालित दो मोबाइल हेल्थ केयर यूनिट्स (MHCU) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 41 गाँवों में पहुँचकर 36,525 ग्रामीणों को निःशुल्क प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर एक नई मिसाल कायम की है।
इनमें संयंत्र के परिधीय क्षेत्र के 23 गाँव तथा रेल लाइन क्षेत्र के 18 गाँव शामिल हैं। दूरस्थ बस्तियों में स्वास्थ्य सेवाओं की यह निरंतर उपस्थिति ग्रामीणों के लिए किसी वरदान से कम नहीं रही।
सेवा का चलता-फिरता अस्पताल
HelpAge India के सहयोग से संचालित इन मोबाइल यूनिट्स में एक एमबीबीएस डॉक्टर, फार्मासिस्ट, ड्राइवर और सोशल प्रोटेक्शन ऑफिसर की समर्पित टीम शामिल है। यह टीम पूर्व निर्धारित रूट प्लान के अनुसार नियमित शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को उपचार, परामर्श और आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध कराती है।
वर्षभर में कुल 1,137 स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 14,705 पुरुष, 16,471 महिलाएँ और बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों ने लाभ उठाया। यह आँकड़े केवल संख्या नहीं, बल्कि उन चेहरों की मुस्कान हैं जिन्हें समय पर उपचार और भरोसा मिला।
जाँच, उपचार और जागरूकता का समन्वय
स्वास्थ्य शिविरों में 16,687 बीपी जाँच, 2,412 शुगर टेस्ट तथा 397 हीमोग्लोबिन परीक्षण किए गए। 89 असमर्थ और बुजुर्ग मरीजों के घर जाकर दवाइयाँ उपलब्ध कराना इस पहल की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
इसके साथ ही 162 स्वास्थ्य जागरूकता सत्रों के माध्यम से 3,361 ग्रामीणों को स्वच्छता, पोषण, जीवनशैली और रोग-निवारण संबंधी जानकारी दी गई। यह प्रयास केवल उपचार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में प्रेरित करने का भी माध्यम बना।
बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान
चार स्कूल हेल्थ कैंप आयोजित कर 316 बच्चों की स्वास्थ्य जाँच की गई। एनीमिया, त्वचा रोग और कुपोषण जैसी समस्याओं की समय रहते पहचान कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया।
वहीं बुजुर्ग मरीजों के लिए नियमित बीपी और शुगर मॉनिटरिंग, जोड़ों के दर्द का उपचार और दवाइयों की उपलब्धता ने उनके जीवन को सरल बनाया। ग्राम छोटे भंडार के अशोक सिदार ने बताया कि अब उन्हें छोटी-छोटी जाँच के लिए शहर नहीं जाना पड़ता। ग्राम गेजमुड़ा के प्रेम शंकर पटेल ने भी कहा कि पहले निजी अस्पताल में जाँच के लिए समय और धन दोनों खर्च होते थे, पर अब यह सुविधा उनके गाँव में ही सहज उपलब्ध है।
ग्रामीण स्वास्थ्य सुधार का विश्वसनीय मॉडल
अदाणी फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है। MHCU की यह परियोजना अब एक प्रभावी और विश्वसनीय मॉडल के रूप में स्थापित हो चुकी है, जिसने महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य परिणामों में उल्लेखनीय सुधार लाया है।
यह पहल केवल उपचार की कहानी नहीं, बल्कि विश्वास, करुणा और सामाजिक दायित्व की प्रेरक गाथा है। 41 गाँवों में पहुँची यह स्वास्थ्य सेवा आज हजारों परिवारों के लिए आशा की किरण बन चुकी है।
ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं का यह सतत विस्तार न केवल बीमारियों को कम कर रहा है, बल्कि समुदायों को जागरूक, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी मजबूत कदम साबित हो रहा है।






